दंतेवाड़ा में विकास की नई इबारत: सांसद महेश कश्यप ने 10करोड़ से अधिक के CSR विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

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नक्सल प्रभावित हीरोली, गुमियापाल और समलवार में पहली बार विकास की बड़ी पहल, सड़क, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी सुविधाओं को मिलेगी नई गति

R.Yalam

दंतेवाड़ा | 18 जुलाई 2026 | विशेष संवाददाता

वर्षों तक नक्सल हिंसा और विकास से वंचित रहे दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्र अब नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कभी नक्सल गतिविधियों के कारण देशभर में चर्चित रहे हीरोली, गुमियापाल और समलवार ग्राम पंचायतों में अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है। बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने शनिवार को किरंदुल स्थित एनएमडीसी परियोजना के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड से 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन कर क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत का संदेश दिया।

भूमिपूजन कार्यक्रम हीरोली ग्राम पंचायत में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय बाद किसी सांसद का इस संवेदनशील क्षेत्र में पहुंचना ग्रामीणों के लिए विश्वास और उम्मीद का प्रतीक बन गया।


नक्सलवाद से विकास की ओर बढ़ता बस्तर

दंतेवाड़ा का यह इलाका लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहा है। सुरक्षा कारणों से यहां विकास कार्यों की गति काफी धीमी थी। लेकिन बदलते हालात और लगातार बेहतर होती सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब शासन-प्रशासन विकास योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सक्रिय दिखाई दे रहा है।

सांसद महेश कश्यप का यह दौरा केवल भूमिपूजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने गांवों में पहुंचकर लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की समस्याओं को सांसद के सामने रखा।


सड़क, स्कूल और पेयजल व्यवस्था का किया निरीक्षण

भूमिपूजन के बाद सांसद महेश कश्यप ने हीरोली, गुमियापाल और समलवार पंचायतों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने गांवों की सड़क व्यवस्था, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र और पेयजल योजनाओं का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कई स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति सामने आई, जहां बरसात के समय छतों से पानी टपकने की समस्या देखी गई। सांसद ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सुनी समस्याएं

दौरे के दौरान सांसद महेश कश्यप हीरोली गांव के हाट-बाजार भी पहुंचे। यहां उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।

ग्रामीणों ने सड़क, स्वास्थ्य सुविधा, रोजगार, शिक्षा और पेयजल से जुड़ी अनेक समस्याएं सांसद के सामने रखीं। सांसद ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए भरोसा दिलाया कि प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए गंभीर प्रयास किए जाएंगे।


आश्रम विद्यालय पहुंचकर बच्चों का जाना हाल

अपने दौरे के दौरान सांसद महेश कश्यप ने मड़कामीरास कन्या शाला आश्रम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, भोजन, आवास और अन्य सुविधाओं की जानकारी ली।

बच्चों ने सांसद का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। सांसद ने छात्राओं को बेहतर शिक्षा प्राप्त कर अपने गांव और समाज का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया तथा विद्यालय की आवश्यकताओं को शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया।


सांसद ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश

निरीक्षण के दौरान सांसद ने संबंधित विभागों और एनएमडीसी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने विशेष रूप से सड़क निर्माण, सोलर स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ पेयजल, स्कूल भवनों की मरम्मत, आंगनबाड़ी केंद्रों के उन्नयन तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने पर जोर दिया।


सांसद महेश कश्यप ने कहा

“इतने वर्षों बाद इस क्षेत्र में विकास कार्यों की नई शुरुआत हो रही है। हमारा लक्ष्य है कि बस्तर का प्रत्येक गांव सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ सके। नक्सलवाद मुक्त बस्तर अब विकास और शांति की नई पहचान बनेगा। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।”


एनएमडीसी के CSR से बदलेगी तस्वीर

एनएमडीसी किरंदुल परियोजना द्वारा CSR मद से स्वीकृत विकास कार्यों में सड़क निर्माण, शिक्षा, पेयजल, जल संरक्षण, सामुदायिक भवन, सौर ऊर्जा आधारित सुविधाएं तथा अन्य आधारभूत ढांचे का विकास शामिल है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि इन योजनाओं के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में आवागमन आसान होगा, बच्चों को बेहतर शिक्षा मिलेगी तथा ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।


ग्रामीणों में दिखा उत्साह

कार्यक्रम में शामिल ग्रामीणों ने सांसद महेश कश्यप के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों बाद किसी जनप्रतिनिधि ने गांवों तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।


अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

इस अवसर पर एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के मुख्य अधिकारी रविंद्र नारायण, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि तथा किरंदुल मंडल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


समापन

दंतेवाड़ा के नक्सल प्रभावित इलाकों में 10 करोड़ रुपये से अधिक के CSR विकास कार्यों का भूमिपूजन केवल निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि वर्षों से विकास की मुख्यधारा से दूर रहे गांवों के लिए एक नई उम्मीद का प्रतीक है। यदि योजनाएं समयबद्ध ढंग से पूरी होती हैं, तो हीरोली, गुमियापाल और समलवार जैसे गांव आने वाले समय में बस्तर के विकास मॉडल के रूप में उभर सकते हैं। शांति, विश्वास और विकास की दिशा में यह पहल दंतेवाड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे बस्तर संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

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